कुलसचिव का परिचय

  प्रो. विजय कुमार सिंह

  कुलसचिव

  अटल बिहारी वाजपेई हिंदी विश्वविद्यालय, भोपाल

 

डॉ. विजय कुमार सिंह वर्तमान में अटल बिहारी वाजपेई हिंदी विश्वविद्यालय में प्रभारी कुलसचिव के पद पर पदस्थ हैं। आप मूलतः बिहार राज्य के छपरा जिले के एक छोटे से गांव बरूआ के प्रतिष्ठित परिवार का हिस्सा रहे हैं। बचपन से ही आपकी रूचि अखिल भारतीय स्तर पर IAS अधिकारी बनना अथवा प्राध्यापक बनने का सपना संजोए हुए राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश लेने के लिए प्रयत्नशील रहते थे। इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए 12वीं कक्षा पास होने के उपरांत उच्च शिक्षा की प्राप्ति हेतु एक प्रतिष्ठित इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद में आप ने वर्ष 1985 में प्रवेश प्राप्त किया। अपने 12वीं की परीक्षा बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर, बिहार प्रथम श्रेणी उत्तरण कर राष्ट्रीय छात्रवृत्ति प्राप्त की।

 

श्री सिंह ने वर्ष 1991-92 में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सहायक प्राध्यापक चयन लिखित परीक्षा में सम्मिलित हुए। आपने भूगोल विषय की मेरिट सूची में 9वां स्थान प्राप्त किया एवं वर्ष 1993 के 29 सितंबर को पन्ना जिले के देवेंद्र नगर शासकीय महाविद्यालय में भूगोल विषय के सहायक प्राध्यापक के रूप में पदस्थ हुए। वर्ष 1993-99 तक आपने देवेंद्र नगर शासकीय महाविद्यालय में ही अपनी सेवाएं दी पुनः 1999-2003 आपने स्नातकोत्तर शासकीय महाविद्यालय त्योंथर जिला रीवा में सहायक अध्यापक के रूप में पदस्थ रहे। वर्ष 2003 के जून माह में विश्वविद्यालय बैंक द्वारा प्रायोजित इंदिरा गांधी गरीबी हटाओ योजना (DPIP) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की जिला इकाई शाजापुर जिला में जिला परियोजना प्रबंधक के रूप में प्रतिनियुक्ति पर निष्ठा पूर्वक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2007-10 तक आप उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त संचनालय कार्यालय सतपुड़ा भवन भोपाल में "विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी" के रूप में कार्य किया। अप्रैल 2010 में माननीय बृजेंद्र प्रताप सिंह मंत्री मध्य प्रदेश शासन के निजी स्थापना में "विशेष सहायक" के पद पर सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से आपको सेवाएं सौंपी गई। दिसंबर 2013 से 1 अगस्त 2014 तक स्वशासी स्नातकोत्तर चंद्रशेखर आजाद शासकीय महाविद्यालय सीहोर भूगोल विभाग में प्राध्यापक के रूप में पदस्थ रहे। पुनः आपको वर्ष अगस्त 2014 से अपनी सेवाएं मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय को सौंप दी गई तथा आप ने विधानसभा में विधायिका संबंधी कार्यों के साथ स्वर्गीय श्री सत्यदेव कटारे तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष के "विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी" के रूप में कार्य किया। वर्ष 2016 से दिसंबर 2018 तक माननीय जयभान सिंह पवैया तत्कालीन उच्च शिक्षा एवं लोक सेवा प्रबंधन के मंत्री के निजी स्थापना में "विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी" के रूप में कार्य किया। आप दिसंबर 2018 से जून 2019 तक बल्लभ भवन में "विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी" के रूप में पदस्थ थे। जून 2019 से आप की पदस्थापना अटल बिहारी वाजपेई हिंदी विश्वविद्यालय में भूगोल विभाग में प्राध्यापक/ विभागाध्यक्ष/संकायाध्यक्ष/छात्र कल्याण अधिष्ठाता के रूप में अपनी सेवाएं दी। 16 दिसंबर 2019 अटल बिहारी वाजपेई हिंदी विश्वविद्यालय के कुलसचिव पद का अतिरिक्त कार्य भी देख रहे हैं।

 

आपने 27 वर्ष की सेवा अवधि में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की 5 किताबों जैसे कृषि भूगोल, भौतिक भूगोल, भारत का भूगोल, पर्यावरण भूगोल, भारत एक झलक एवं भौगोलिक चिंतन का विश्लेषणात्मक अध्ययन जैसी किताबों के लेखन का कार्य किया एवं चार किताबें अभी भी लेखन की प्रक्रिया में अग्रसर है इसके अतिरिक्त आपने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय 40 शोध पत्र प्रकाशित किए हैं। आप निजी विश्वविद्यालय एवं विश्व विद्यालय के प्रबंधक मंडल के सदस्य के रूप में कार्य देख रहे हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के परीक्षण टीम के सदस्य के रूप में करीब 4 कॉलेज/विद्यालय का निरीक्षण दल में सदस्य की भूमिका के रूप में कार्य किया। मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के परीक्षाओं के मॉडरेटर के रूप में अपनी सेवाएं देते रहते हैं।

 

आपके द्वारा अटल बिहारी वाजपेई हिंदी विश्वविद्यालय में कुल सचिव के पद पर रहते हुए अध्ययन केंद्र, निदान केंद्र, सिविल सेवा काउंसलिंग केंद्र स्थापित कर विश्वविद्यालय के लिए अभूतपूर्ण कार्य किया है। आपके द्वारा विश्व विद्यालय के समस्त गतिविधियां खेलकूद से लेकर सांस्कृतिक गतिविधियां लेखन प्रतियोगिता इत्यादि नूतन कार्य को नई दिशा देने का कार्य किया है।

 

आपने छात्र हित में कोरोना महामारी के दौरान ऑनलाइन अध्ययन-अध्यापन 8 क्रम से संबंधित सामग्री उपलब्ध कराई एवं  कोरोना महामारी से बचाव हेतु जनजागृति लाना एवं भारत सरकार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, राज्य सरकार एवं महामहिम राज्यपाल महोदय जी द्वारा समय-समय पर दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित करते हुए कोरोना महामारी रोकथाम हेतु किए गए कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

 

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